बांसवाड़ा से रूठा मानसून, आधा अगस्त बीतने के बाद भी खाली माही बांध, छोटे जलाशय भी तरसे

मृदुल पुरोहित/बांसवाड़ा. प्रदेश में मानसून अपनी मेहर बरसा रहा हैं, लेकिन बांसवाड़ा से मेघ मानो रूठे हुए हैं। भरपूर बारिश के अभाव में इस वर्ष अगस्त का पहला पखवाड़ा बीतने के बाद भी बांध 10 मीटर से अधिक खाली है। बांध में मध्यप्रदेश के धार व सीमावर्ती इलाकों में होने वाली बारिश सहित एराव नदी से जल आवक होती है, लेकिन जलग्रहण क्षेत्रों में खंडवृष्टि होने के कारण बांध में जल आवक बहुत कम है। मानसून का सीजन आते ही वागड़वासियों की निगाहें माही बांध की पूर्ण भराव क्षमता 281.50 मीटर तक जल स्तर पहुंचने पर लगी रहती है। बांध के पूर्ण भरने और इसके 16 गेट से खुलती अथाह जलराशि को देखने के लिए हजारों लोग उमड़ते हैं, लेकिन वर्षों बाद ऐसा अवसर आया है, जब बांध 15 अगस्त तक भी दस मीटर खाली है और जिले में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है।

जल आवक का इंतजार
15 जुलाई से 15 अगस्त तक की अवधि में बांध में डेढ़ मीटर पानी भी नहीं आया है। 15 जुलाई को बांध में जलस्तर 270.20 मीटर था। 15 अगस्त की शाम को बांध का जलस्तर 271.30 मीटर था, जबकि 17 अगस्त को सुबह यह 271.40 मीटर ही हो पाया है। अब बांध के जलग्रहण इलाकों में पर्याप्त बारिश होने और जल आवक होने का इंतजार हो रहा है।

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2018 में नहींं खुले गेट
वर्ष 2015 में जिलेवासियों को माही के गेट खुलने का अधिक इंतजार नहीं करना पड़ा। उस वर्ष जल आवक क्षेत्रों और बांसवाड़ा जिले में भारी बरसात का दौर चलने से 27 जुलाई को ही माही बांध के गेट खोल दिए थे। बांध में एक ही रात में साढ़े 26 फीट पानी की आवक हुई थी। 2017 में बांध के गेट अगस्त के अंतिम सप्ताह में खुले, लेकिन उस समय जलस्तर वर्तमान के जलस्तर से अधिक था। वहीं पिछले वर्ष 2019 में 14 अगस्त की शाम को गेट खुले थे।

अगस्त में सर्वाधिक खुले गेट
वर्ष तारीख
1990 04 अगस्त
1991 01 अगस्त
1993 09 अगस्त
1994 02 अगस्त
1996 07 अगस्त
1997 08 अगस्त
1998 28 अगस्त
2004 15 अगस्त
2012 19 अगस्त
2016 09 अगस्त
2017 28 अगस्त
2019 14 अगस्त



source https://www.patrika.com/banswara-news/there-was-no-torrential-rain-this-time-in-banswara-6346071/

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