विदेश में नौकरी छोड़ी, गांव में बनाया दूध का मार्केट

जुगज भट्ट/बांसवाड़ा। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के संदेश से प्रभावित होकर एक युवक ने 135 गायों के दूध का बाजार बांसवाड़ा में खड़ा कर दिया। इसके पहले विदेश में बैंक की नौकरी करते हुए सोच बदली और 7 गायों से सफर शुरु किया जो अब 135 गायों तक जा पहुंचा है। दूध डेयरी उद्योग में हाथ आजमाने वाले खांदू कॉलोनी निवासी अनुकूल मेहता अमेरिका में बैंक की नौकरी करते थे, स्वयं एमीबए किए हुए हैं, लेकिन आर्यिका पूर्णमति माता की प्रेरणा से नौकरी छोड़ी और दूध डेयरी उद्योग शुरू किया। वर्तमान में जिले के ठीकरयिा में डेयरी उद्योग का संचालन कर रहे है।

बकौल अनुकूल अमेरिका रहते हुए पिता के सहयोग से 2017 में सात गायों से डेयरी शुरु की, लेकिन अब तक 135 गाये गोशाला में है। दूध डेयरी परिसर में सीसीटीवी और आॅनलाइन सिस्टम से अमेरिका बैठे निगरानी की। करीब दो बीघा जमीन पर दूध उत्पादन प्लांट लगाया है। वहीं कामधेनू योजना के तहत लोन भी लिया।

आधुनिक सुविधाएं भी...
गोशाला में न केवल गायों के लिए शेड बनाए, बल्कि गायों के लिए आधुनिक सुविधा भी उपलब्ध कराई है। गायों के लिए फॉगर सिस्टम, पंखे, शेड, घास के लिए अनुकूल जगह, दूध निकालने के लिए मिल्किंग मशीनें, पशुओं को घूमने के लिए मैदान आद का इंतजाम किया है। यहां हरे चारे के साथ ही पोष्टिक खाद्यान्न का भी इंतजाम किया गया है। यहां 150 लीटर दूध का उत्पादन किया जाता है। जो बाजार में करीब 70 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से बेचा जाता है। इसके अलावा घी, छाछ, मक्खन, पनीर का भी उत्पादन किया जाता है।

पत्रिका से बातचीत में अनुकूल मेहता बताते है कि इस काम के दौरान कई बार ऐसी मुश्किलें आई कि लगा कि लगा कि अब आगे नहीं होगा। लेकिन हौंसला नहीं खोया। इसकी का परिणाम है आज सुखद स्थिति में है।



source https://www.patrika.com/banswara-news/banswara-anukul-mehta-milk-market-made-in-village-6465113/

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