हादसे से हा-हाकार : सूरत में डम्पर ने रौंदा, 15 मजदूरों की मौत, इनमें 13 बांसवाड़ा के
बांसवाड़ा. गुजरात के सूरत ग्रामीण इलाके में मजदूरी करने गए बांसवाड़ा के परिवारों पर बीती रात 'कालÓ टूट पड़ा। किम चार रास्ता के पार बेकाबू डम्पर ने वहां फुटपाथ पर सो रहे 2 बच्चों और श्रमिकों समेत 21 लोगों को कुचल दिया। हादसे में 15 मजदूरों की मौत हो गई, वहीं छह गम्भीर घायल हो गए। मृतकों में 13 बांसवाड़ा और 2 मध्यप्रदेश के बाजना के हैं। घायलों को करीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुजरात के सीएम विजय रूपाणी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के आश्रितों को 2-2 लाख रुपए देने और घायलों का बेहतर इलाज कराने की घोषणा की। हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके शोक जताते हुए पीएमओ राहत कोष से मृतक आश्रितों को दो-दो लाख की राशि और घायलों को 50,000 देने की घोषणा की।
हादसा कीम चौराहे के निकट सपनानगर में सोमवार रात करीब साढ़े 12 बजे हुआ। यहां सडक़ किनारे गटर पर आरसीसी की फुटपाथनुमा स्लैब पर दिहाड़ी श्रमिक परिवारों के चालीस-पचास लोग सो रहे थे। गन्ने से भरे ट्रैक्टर से टकराने के बाद डम्पर यमदूत बनकर आया और सोए हुए करीब 21 जनों को कुचलगढ़ आगे चार दुकानों से टकराने के बाद रुका। हादसे में 12 श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं तीन ने अस्पताल में दम तोड़ा। मौके पर पुलिस और बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। लोगों ने डंपर में फंसे चालक व खलासी समेत 9 घायलों को बाहर निकाला। प्रशासनिक अमले समेत कोसंबा व करीबी थानों की पुलिस घायलों को सूरत के स्मीमेर अस्पताल भिजवाया। चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। वह घायल है। मेडिकल रिपोर्ट के अभाव से उसके नशे में होने की पुष्टि नहीं हुई।
बांसवाड़ा से अफसरों को सूरत भेजा
हादसे की जानकारी मिलने पर बांसवाड़ा कलक्टर अंकितकुमार सिंह और एसपी कावेंद्रसिंह सागर ने चर्चा के बाद कुशलगढ़ से डीएसपी, बीडीओ और बागीदौरा तहसीलदार को सुबह सूरत भेजा। इससे पहले रात कसो ही कुशलगढ़ क्षेत्र के जनप्रतिनिधि सूरत के लिए रवाना हो गए।
मृतकों में 5 लोग एक ही परिवार के, एक साल की बच्ची भी शामिल
मृतकों की शिनाख्त कराने के लिए पुलिस को दोपहर तक मशक्कत करनी पड़ी। मृतकों में बांसवाड़ा के कुशलगढ़ क्षेत्र के भगतपुरा निवासी एक ही परिवार के 5 जने मुकेश (25) पुत्र केला मईड़ा, लीला (22) पत्नी मुकेश, मनीषा (19) पुत्री केला, वनिता (17) पुत्री केला और मात्र एक साल की बच्ची तेजल पुत्री मुकेश शामिल हैं। इनके अलावा खेरदा गांव के विकेश (27) पुत्र गवजी मईड़ा, उसकी पत्नी रजिला (25), गराडख़ोरा गांव के राकेश (25) पुत्र रूपचंद वसुनिया उसकी पत्नी सुगना (23), दिलीप (24) पुत्र हकरा वसुनिया और उसकी पत्नी संगीता (22), सज्जनगढ़ क्षेत्र के मस्का गांव से चंपाबेन (16) पुत्री वालूभाई पणदा, और नरेश पुत्र वालूभाई पणदा के अलावा मध्यप्रदेश के देवझरी, बाजना निवासी राहुल भाई (19) वारजी मईड़ा व अनिता पत्नी मनीष (19) कें रूप में शिनाख्त हुई।
इनका चल रहा है अस्पताल में इलाज
हादसे में घायल देवदा, बांसवाड़ा निवासी पिंका कमलेश मईड़ा, 21 वर्षीय कमलेश भूरजी मईड़ा, आंबापुरा निवासी 21 वर्षीय संजू अड़, मध्यप्रदेश के बाजना से मनीष (23) पुत्र कला के अलावा डंपर चालक मध्यप्रदेश के चित्रंगी निवासी पूनामराम पुत्र श्रीराम केवट और गड़वा सिधी निवासी सुदामा पुत्र रामजी यादव का अस्पताल में उपचार जारी है।
ट्रैक्टर से टकराने के बाद बेकाबू हुआ डम्पर
पुलिस के अनुसार किम-मांडवी रोड पर 5-6 श्रमिक परिवार फुटपाथ पर ही रह रहेे थे। रोजाना की तरह सोमवार रात इन परिवारों के लोग फुटपाथ पर सोए हुए थे। मध्यरात्रि में सडक़ से तेजी से गुजर रहे डम्पर ने ओवरटेक के प्रयास में पहले गन्ने से भरे ट्रैक्टर को टक्कर मारी, फिर चालक ने स्टीयरिंग से काबू खो दिया। इससे डम्पर फुटपाथ पर चढकऱ कतार में सोए श्रमिकों को कुचलते हुए आगे बढ़ गया।
ट्रैक्टर में ले जाने पड़े खून से लथपथ शव
हादसे की जानकारी पर पुलिस अधिकारियों का काफिला पहुंचा तो मजदूरों के क्षत-विक्षत शव देखकर एकबारगी जवानों की आंखें भी नम हो उठीं। पुलिस ने मौके पर एकत्र ग्रामीणों की मदद से एक-एक कर शवों को उठवाकर ट्रैक्टर में रखवाया और पोस्टमार्टम के लिए रवाना किए।
source https://www.patrika.com/banswara-news/13-people-of-banswara-were-killed-in-a-road-accident-in-surat-6642119/
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