बांसवाड़ा : सूरत हादसे में दिवंगत मजदूरों की अंत्येष्टि में जुटे सैकड़ों लोग, गम के मंजर में बहा आंसुओं का समंदर

बांसवाड़ा. चहुंओर विलाप के स्वर तो भारी मन से आखिरी रस्मों की अदायगी। कांधों पर शव नहीं, ट्रैक्टर में शवों की अंतिम यात्रा और श्मशान में करुण क्रंदन के बीच कहीं पांच जनों की एक, तो कहीं पति-पत्नी की साथ-साथ जलती चिताएं। रुह को कंपा देने वाले ये मंजर जिले के कुशलगढ़ क्षेत्र में भगतपुरा, खेरदा, गराडख़ोरा और सज्जनगढ़ ब्लॉक के मस्का में बुधवार को दिखलाई दिए, जहां सूरत हादसे से दिवंगत 13 श्रमिकों का अंतिम संस्कार हुआ। इससे पहले सुबह से गांवों की कच्ची पगडंडियों पर दूरदराज से मृतकों के रिश्तेदारों के पैदल पहुंचने का सिलसिला चला। लोग जुटते गए, तो इन गांवों के मौतबीर सामाजिक रस्मों के निर्वाहन में लगे रहे। फिर ट्रैक्टरों में शव श्मशान ले जाकर मृतकों को उनके करीबियों के हाथों मुखाग्रि दिलवाई गई।

गौरतलब है कि सोमवार देररात सूरत ग्रामीण में किम-मांडवी रोड पर बेकाबू डंपर ने सडक़ किनारे फुटपाथ पर सो रहे राजस्थान के प्रवासी श्रमिकों को कुचल दिया था। इसमें कुशलगढ़ क्षेत्र के 11 और सज्जनगढ़ ब्लॉक के दो श्रमिकों के साथ इन्हीं के बाजना में दो रिश्तेदारों की मौत हो गई। घटना पर मंगलवार को दिनभर चली कार्रवाई के बाद रात में रात 11 शव बजे शव मृतकों के गांव भेजे गए। इसके बाद बुधवार को भगतपुरा, खेरदा, गराडख़ोरा और मस्का में उनकी सामूहिक अंत्येष्टि हुई।

पांचों मृतकों का भारी रहा तीन किलोमीटर के आखिरी सफर, एक ही सजाई चिता
भगतपुरा में मईड़ा फला में सुबह एक ही परिवार के पांच मृतकों मुकेश पुत्र केला मईड़ा, उसकी पत्नी लीला, बहन मनीषा और वनीता के साथ सालभर की तेजल के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए सैकड़ों रिश्तेदार ओर ग्रामवासी घर पर सामाजिक रस्में होने तक आसपास घाटी (टेकरी) पर बैठे रहे। यहां एक साथ पांच शव देखकर सभी की आंखें नम थी। बाद में शवों को एक साथ ट्रैक्टर में रखकर श्मशान ले जाया गया। 3 किमी दूर काचला नाले के तट तक का श्मशान का सफर हर किसी के लिए भारी पड़ा। बाद में यहां समाज जनों ने सभी की एक ही चिता सजाई और गमगीन माहौल में बालक से मुखाग्रि दिलवाई।

गराडख़ोरा में पंच तत्व में विलीन होने तक साथ रही जीवनसंगिनियां
उधर, गराडख़ोड़ा गांव के दिवंगत मजदूरों की जीवनसंगिनियां पति की चिता के साथ ही पंच तत्व में विलीन हुईं। यहां के राकेश पुत्र रूपचंद वसुनिया, के साथ उसकी पत्नी सुगना, तो दिलीप और उसकी पत्नी संगीता को दो अलग-अलग चिताएं बनाकर लेटाया गया। इसके बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर जनप्रतिनिधियों में टीएडी मंत्री अर्जुन बामणिया, विधायक रमिला खडिय़ा और जिला प्रमुख रेशम मालवीया, तो जिले के आला अधिकारियों में कलक्टर अंकितकुमारसिंह, एसपी कावेंद्रसिंह सागर ने पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी।



source https://www.patrika.com/banswara-news/banswara-news-funeral-of-deceased-workers-in-surat-accident-6643461/

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