भाजपा का कुशलगढ़ : मंत्री, विधायकों का प्रचार, फिर भी कांग्रेस की बुरी हार


बांसवाड़ा/कुशलगढ़. प्रदेश में सत्ता, राज्यमंत्री और दो-दो विधायकों की ओर से चुनावी प्रचार की कमान थामने के बाद भी कुशलगढ़ नगरपालिका में कांग्रेस चुनावी वैतरणी को पार नहीं कर पाई। जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्यमंत्री अर्जुनसिंह बामनिया, विधायक रमीला खडिय़ा और महेंद्रजीतसिंह मालवीया सहित बांसवाड़ा नगर परिषद सभापति जैनेन्द्र त्रिवेदी व कांग्रेस पार्षदों ने कुशलगढ़ में चुनावी प्रचार की कमान संभाली, लेकिन 20 वार्डों में से कांगे्रस सिर्फ दो सीटें ही जीत पाई और पहली बार तीसरे पायदान पर सिमट गई।

कुशलगढ़ नगर पालिका चुनाव कई मायनों में खास रहे। भाजपा ने यहां अपना दबदबा बनाए रखते हुए बोर्ड पर कब्जा कायम रखा और रिकॉर्ड सीटें जीती, वहीं निर्दलीयों ने यहां तीन सीटें जीतकर कांग्रेस के विकल्प के रूप में खुद को स्थापित किया। स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद यहां भाजपा का एक बार फिर बोर्ड बनना तय है। इससे पहले सुबह नौ बजे शुरू हुई मतगणना महज 45 मिनट में ही खत्म हो गई और सभी परिणाम जारी कर दिए गए। इस अवसर पर कलक्टर अंकित कुमार सिंह, एसपी कावेंद्र सिंह सागर, डीएसपी संदीपसिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

विजेताओं का स्वागत, श्रेय कार्यकर्ताओं को
अपनी जीत के बाद भाजपा के सभी उम्मीदवार दोपहर बाद कुशलगढ़ नगर में पहुंचे। उन्होंने उपखंड अधिकारी और रिटर्निंग अधिकारी बद्रीलाल सुथार से जीत का प्रमाण पत्र प्राप्त किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने सभी जीते हुए उम्मीदवारों का भव्य स्वागत किया। पालिका में एकतरफा जीत का श्रेय भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंदसिंह राव और नगर अध्यक्ष नितेश बैरागी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को दिया। साथ ही भरोसा दिलाया कि पांच साल में नगर में बेहतर विकास कर दिखाया जाएगा।

खाब्या ने बचाई लाज
चुनाव में कांगे्रस ने अपने स्थानीय दिग्गजों को टिकट दिया था, लेकिन उसमें प्रतिपक्ष नेता रजनीकांत खाब्या ही पार्टी की लाज बचा पाए। वार्ड 12 से पूर्व पालिकाध्यक्ष राघवेश चरपोटा 26 वोट से चुनाव हार गए। वार्ड 13 से पीसीसी सदस्य हंसमुख सेठ को 54 वोट से हार का सामना करना पड़ा। रजनीकांत खाब्या ने वार्ड 3 में 116 मतों से जीत दर्ज की है।

चार वार्ड में तीसरे पायदान पर
कांग्रेस वार्ड संख्या सात, आठ, 18 और 19 में तीसरे पायदान पर रहीं। वहीं वार्ड 5 में भाजपा तीसरे स्थान पर रही। पहले स्थान पर निर्दलीय व दूसरे स्थान पर कांग्रेस रहीं।

बाहरी प्रत्याशियों को नकारा
वार्ड 19 में सबसे कम मतदाता थे। सामान्य वर्ग बहुल वार्ड का आरक्षण अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए हुआ। वार्ड में ओबीसी का एक ही घर था। भाजपा व कांगे्रस ने अन्य वार्डों में निवासरत प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा। वार्डवासियों ने आपसी चर्चा व मंथन के बाद वार्ड निवासी ओबीसी प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा और बाहरी प्रत्याशियों को नकार दिया।
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भाजपा की जीत का राज
1. टिकट वितरण से पहले कार्यकर्ताओं की रायशुमारी और जिताऊ, टिकाऊ और स्वच्छ छवि को प्राथमिकता।
2. पिछले बोर्ड के कार्यकाल में हुए विकास को नगरवासियों तक पहुंचाया।
3. पूर्व संसदीय सचिव भीमाभाई और नगर अध्यक्ष नितेश बैरागी को आगे किया।
4. मोदी की योजनाओं का बखान, राज्य सरकार की कमियां गिनाई
5. दिग्गजों ने संभाली कमान, अग्रिम संगठनों को भी दी जिम्मेदारियां।

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कांग्रेस की हार के कारण
1. विधायक खडिय़ा की निर्दलीय जीत के बाद कांग्रेस को समर्थन से नाराजगी।
2. टिकट वितरण में पदाधिकारियों का ख्याल, जिताऊ, टिकाऊ नजरअंदाज।
3. भाजपा बोर्ड की कमियों को जनता के समक्ष सहीं ढंग से नहीं रखना।
4. भाजपा में कथित बगावत पर बड़े नेताओं और कार्यकर्ता में अति आत्मविश्वास
5. बीटीपी का भी मैदान में होना, अल्पसंख्यक समुदाय के वोटों में बिखराव।
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अध्यक्ष पद के लिए दावेदार
1. जितेंद्र अहारी : भाजपा, वार्ड 12 से जीते, संघ की पहली पसंद।
2. बबलू मईड़ा: भाजपा, वार्ड 17, कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में पहचान।
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सबसे अधिक मत - वार्ड 8 से सारिका टेलर भाजपा 136 वोटों से
सबसे कम मत - वार्ड 9 से महेंद्र कुमार शाह भाजपा तीन वोटों स



source https://www.patrika.com/banswara-news/bjp-wins-in-kushalgarh-municipality-election-congress-loses-6663283/

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