बांसवाड़ा : कोरोना का सबसे बड़ा आघात, एक ही दिन में 16 मौतें

बांसवाड़ा. जिला मुख्यालय के एमजी अस्पताल में कोरोना से गंभीर रोगियों की सांसों की डोर टूटने का क्रम गुरुवार को उछाल पर आया, जबकि एक ही दिन में तीन संक्रमितों सहित 16 जनों की मौत हो गई। मृतकों में 5 पॉजिटिव जबकि अन्य संदिग्ध रोगी बताए गए। बांसवाड़ा जिले ही नहीं, आसपास से भी यहां लगातार मरीजों के पहुंचने से जगह और ऑक्सीजन सहित अन्य व्यवस्थाओं की कमी के बीच बेकाबू बने हालात से अब डॉक्टर भी विचलित होने लगे हैं। पीएमओ डॉ. रवि उपाध्याय ने बताया कि अपराह्न तीन बजे तक यहां उपचाराधीन आठ जनों की मृत्यु हो गई, वहीं इसके बाद वार्डों से शाम छह बजे तक आठ और लोगों के निधन की जानकारी आई। यहां पहले से हाउसफुल चल रहे अस्पताल में रतलाम, सागवाड़ा-डूंगरपुर, प्रतापगढ़ से भी मरीजों के पहुंचना जारी रहने से मुश्किलें और बढ़ गई हैं। गंभीर रोगी ज्यादा आने से यहां ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट से जुड़ी लाइनों का प्रेशर घट गया है, वहीं सवा दो सौ सिलेंडर जुटाने के बाद भी किल्लत की स्थिति है। अभी जनरेशन प्लांट पर 40 सिलेंडर जोडकऱ दबाव बनाए रखा जा रहा है, जबकि सौ से ज्यादा लोग सिलेंडर पर निर्भर हैं। इसके अलावा 30-40 सिलेंडर फिलिंग के लिए पाइप लाइन में हैं।

इन्होंने अस्पताल में तोड़ा दम
यहां 24 अप्रैल को भर्ती बिलोदा के 64 वर्षीय बुजुर्ग, 25 अप्रैल को लाकर भर्ती करवाए चंदूजी का गढ़ा निवासी 65 वर्षीय वृद्ध, पालोदा की 75 वर्षीय वृद्धा, 26 अप्रैल को भर्ती पुष्पानगर के 38 वर्षीय युवक, महालक्ष्मी चौक निवासी 40 वर्षीया महिला, 27 अप्रैल को आनंदपुरी इलाके से आई 33 वर्षीया महिला और बुधवार को ही भर्ती कालिकामाता-गोरखइमली क्षेत्र की 70 वर्षीय वृद्धा व अरथूना क्षेत्र की 70 वर्षीय महिला की गुरुवार दिन में मृत्यु हो गई। इनके अलावा गुरुवार को ही भर्ती राजतालाब क्षेत्र निवासी 65 वर्षीय वृद्ध व बागीदौरा निवासी 45 वर्षीय युवक, 21 अप्रैल को भर्ती कलिंजरा निवासी 60 वर्षीय वर्षीया वृद्धा, 28 अप्रैल को गढ़ी से लाए गए 40 वर्षीय युवक, 27 अप्रैल को लाई गई कॉमर्शियल कॉलोनी निवासी 48 वर्षीया महिला, सुभाषनगर से 23 अप्रैल को लाई गई 50 वर्षीया महिला, 26 अप्रैल को खांदू कॉलोनी से लाकर भर्ती 36 वर्षीय युवक और सम्मतिनगर से 27 अप्रैल को लाई गई 60 वर्षीया महिला की शाम को मौत हो गई।

तोड़ी हैल्प डेस्क अब खुद हैल्पलेस, मृतकों की जानकारी तक नहीं
विचारणीय पहलू यह भी चिकित्सा विभाग के आला अधिकारियों के निर्देश पर तोड़ी गई एमजी अस्पताल की हैल्पडेस्क गुरुवार को खुद हैल्पलेस दिखलाई दी। यहां मृतकों की जानकारी परिजनों तक देने में भी खासी माथापच्ची रही। इस बीच, विभिन्न वार्डों में भर्ती गंभीर रोगियों के परिजन बड़ी संख्या में मौतों की खबरों पर विचलित हो उठे और हैल्पडेस्क से संपर्क किया, लेकिन कोई संतोषप्रद जवाब नहीं मिले। आखिर में कुछ परिजनों ने समाचार पत्रों को कॉल कर मदद मांगी। बाद में जैसे-तैसे सूची जुटाकर लोगों को वास्तविकता बताई गई। गौरतलब है कि हैल्प डेस्क पर अस्पताल से लगाए स्टाफ को मनमाने तरीके से पिछले दिनों हटाकर अन्यत्र लगा दिया गया। उसके बाद से यहां स्थिति बिगड़ गई।

उधर, आनंदपुरी क्षेत्र से एक पॉजिटिव सहित दो जनों की मौत
उधर, आनंदपुरी क्षेत्र में एक पॉजिटिव महिला की गुरुवार को मौत हो गई। बीसीएमएचओ डॉ. देवेंद्र डामोर ने बताया कि 60 वर्षीया वृद्धा 26 अप्रैल को आरटीपीसीआर टेस्ट में पॉजिटिव आई थी। कहवाड़ा गांव की वृद्ध वह असिंप्टेमेटिक होने से होम आइसोलेशन पर थी। गुरुवार को अचानक तबियत बिगडऩे के बाद वृद्धा की मौत हो गई। इसकी सूचना पर कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार अंत्येष्टि करवाई गई। इसके अलावा अरथूना क्षेत्र के 35 वर्षीय शिक्षक की सिरोही में मृत्यु की सूचना आई। मृतक फलवा गांव का होकर पिछले दिनों बीमार होने पर सागवाड़ा और उदयपुर में उपचार के लिए ले जाया गया। बाद में वहां से उसे सिरोही ले गए, जहां निधन हो गया।



source https://www.patrika.com/banswara-news/banswara-covid-news-6823515/

Comments

Popular posts from this blog

परतापुर के सरकारी स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम में बदलने पर सहमति

आठवीं बोर्ड : आई दोहरी परीक्षा की घड़ी, भरी दुपहरी में 20 किमी दूर परीक्षा देने की मजबूरी

बगैर विशेषज्ञों वाले सोनोग्राफी सेंटरों की ली टोह, चार सेंटरों की मशीनें सील